ब्रेकिंग
एमआरएफ सेंटर का तहसीलदार कर्ण सिंह ने किया निरीक्षणथाना समाधान दिवस में रास्ते के विवाद का हुआ निस्तारण।*बांसगांव में हुआ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन*डालमिया सीमेंट ने होम बिल्डर्स पर बढ़ाया फोकसभारी वाहनों के कस्बे में प्रवेश रोकने के लिए विकास मंच ने यस डी यम को सौप ज्ञापन।*विधायक ने किया सीसी रोड का लोकार्पणबांसगांव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कलजनपद के कलेक्ट्रेट सभागार सहित सभी विधानसभा क्षेत्रों में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन सम्पन्नविधायक व उपजिलाधिकारी ने किया 50 बेड हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण*जनप्रतिनिधियों ने लाइव देखा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी*अयोध्या शूटिंग चैंपियनशिप में प्रियांशु ने जीता पदक, बधाइयों का लगा तांता*चेयरमैन प्रतिनिधि ने अस्थाई पुल का निर्माण कार्य शुरू कराया**उनवल ने डड़वा को हराकर जीता फाइनल मैच*चार पहिया वाहन की ठोकर से मोटरसाईकिल सवार की दर्दनाक मौत।डांसिंग एक प्रतिभा के साथ योग का भी माध्यम,अमित अंजन

उत्तरप्रदेशमहाराजगंज

सुप्रीम कोर्ट अगले चार महीने में चुनाव प्रक्रिया पूर्ण कराने का दिया निर्देश।

पालिका चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश।

सिसवा/कोठीभार
सिसवा नगर पालिका चुनाव कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार व राज्य चुनाव आयोग को कड़ी फटकार के साथ अगले चार महीनों में चुनाव पुर्ण कराने के आदेश जारी कियाहै।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक सुनवाई में कहा कि नवनिर्मित नगर पालिका परिषद के चुनाव प्रक्रिया में दोहराव से बचने के लिए यूपी सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग के उस जवाब से संतुष्ट नही है जिसमे कहा गया है कि नगर पालिका परिषद के चुनाव को अगले साल नवम्बर 2022 मेंअन्य निकाय चुनाव के साथ कराने की अनुमति दी जाय।
शीर्ष अदालत ने 17 सितंबर को राज्य निर्वाचन आयोग को नगर पालिका परिषद के चुनाव किसी भी हालत में दो महीने के भीतर सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था।सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नगर पालिका परिषद न तो अंतकाल तक प्रशासक का कब्जा रह सकता है न ही स्थानीय निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधियो द्वारा लंबे समय तक प्रतिनिधित्व बिहीन रखा जाना चाहिए।शीर्ष अदालत ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव पूर्ण करवाये।अदालत ने चुनाव पूरा करवाने के लिए सरकार के हलफनामे के मुताबिक समय सीमा को चार महीने के लिये बढ़ा दिया है।जस्टिक ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा की 17 सितंबर को दिये सुप्रीम कोर्ट आदेश का सम्बंधित अधिकारियों द्वारा ईमानदारी से पालन किया जाना चाहियें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!