ब्रेकिंग
नाव द्वारा नदी से अवैध बालू का धड़ल्ले से हो रहा है खनन, विभाग मौनशौचालय को लेकर हुआं विवाद तो सिंदूरिया थाने की पुलिस ने पात्र के खिलाफ लिखा मुकदमापत्रकार रोहित शुक्ल के जन्मदिन पर बधाईयों की लगी तांताकेएम अग्रवाल की रचनाधर्मिता अनुकरणीय: प्रो. जनार्दनयोग से होगा जीवन शैली में आवश्यक बदलाव: डॉ अजय पीजी कॉलेज में योग सप्ताह प्रारंभनगर अध्यक्ष द्वारा दिए गए नोटिस को अधिशासी अधिकारी बताती है प्रेम पत्र, उकसाने पर पंचायत कर्मियों ने दिया धरना, सड़कों पर बिखेरा कूड़ाउत्कर्ष ने एआईआर 319 रैंक हासिल कर किया सिटी टॉपकमलेश पासवान को केंद्र सरकार में मंत्री बनाए जाने पर फूटे पटाखे, बटी मिठाईयां*गोरखपुर स्थित एक सेमिनार में गरजे प्रयागराज के लाल कुलदीप पाण्डेयतेरह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानों ने सौंपा ज्ञापनघुघली बुजुर्ग में प्रधानी चलाने को लेकर दो पक्षों में चला आ रहा है विवादशम्स तबरेज का नाम ऑल इंडिया नीट परीक्षा में चयनगठबंधन नहीं तोड़ पाया भाजपा का किला,सातवी बार पंकज चौधरी के सिर बंधा जीत का सेहरा,हादसा: पिकअप की ठोकर से एक किशोर सहित दो की दर्दनाक मौत, गांव में छाया मातमआकर्षक झांकियों के बीच मनाई जाएगी शनि जयंती

उत्तरप्रदेशमहाराजगंज

सुप्रीम कोर्ट अगले चार महीने में चुनाव प्रक्रिया पूर्ण कराने का दिया निर्देश।

पालिका चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश।

सिसवा/कोठीभार
सिसवा नगर पालिका चुनाव कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार व राज्य चुनाव आयोग को कड़ी फटकार के साथ अगले चार महीनों में चुनाव पुर्ण कराने के आदेश जारी कियाहै।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक सुनवाई में कहा कि नवनिर्मित नगर पालिका परिषद के चुनाव प्रक्रिया में दोहराव से बचने के लिए यूपी सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग के उस जवाब से संतुष्ट नही है जिसमे कहा गया है कि नगर पालिका परिषद के चुनाव को अगले साल नवम्बर 2022 मेंअन्य निकाय चुनाव के साथ कराने की अनुमति दी जाय।
शीर्ष अदालत ने 17 सितंबर को राज्य निर्वाचन आयोग को नगर पालिका परिषद के चुनाव किसी भी हालत में दो महीने के भीतर सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था।सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नगर पालिका परिषद न तो अंतकाल तक प्रशासक का कब्जा रह सकता है न ही स्थानीय निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधियो द्वारा लंबे समय तक प्रतिनिधित्व बिहीन रखा जाना चाहिए।शीर्ष अदालत ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव पूर्ण करवाये।अदालत ने चुनाव पूरा करवाने के लिए सरकार के हलफनामे के मुताबिक समय सीमा को चार महीने के लिये बढ़ा दिया है।जस्टिक ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा की 17 सितंबर को दिये सुप्रीम कोर्ट आदेश का सम्बंधित अधिकारियों द्वारा ईमानदारी से पालन किया जाना चाहियें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!