ब्रेकिंग
एमआरएफ सेंटर का तहसीलदार कर्ण सिंह ने किया निरीक्षणथाना समाधान दिवस में रास्ते के विवाद का हुआ निस्तारण।*बांसगांव में हुआ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन*डालमिया सीमेंट ने होम बिल्डर्स पर बढ़ाया फोकसभारी वाहनों के कस्बे में प्रवेश रोकने के लिए विकास मंच ने यस डी यम को सौप ज्ञापन।*विधायक ने किया सीसी रोड का लोकार्पणबांसगांव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कलजनपद के कलेक्ट्रेट सभागार सहित सभी विधानसभा क्षेत्रों में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन सम्पन्नविधायक व उपजिलाधिकारी ने किया 50 बेड हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण*जनप्रतिनिधियों ने लाइव देखा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी*अयोध्या शूटिंग चैंपियनशिप में प्रियांशु ने जीता पदक, बधाइयों का लगा तांता*चेयरमैन प्रतिनिधि ने अस्थाई पुल का निर्माण कार्य शुरू कराया**उनवल ने डड़वा को हराकर जीता फाइनल मैच*चार पहिया वाहन की ठोकर से मोटरसाईकिल सवार की दर्दनाक मौत।डांसिंग एक प्रतिभा के साथ योग का भी माध्यम,अमित अंजन

उत्तरप्रदेशमहाराजगंज

दशहरा का पर्व दस प्रकार के पापों से परित्याग की सद्प्रेरणा प्रदान करता है।

:- काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी

भगवान श्री राम द्वारा रावण का वध किये जाने के उपलक्ष में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्यौहार

दशहरा (विजयादशमी या आयुध-पूजा) हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को ‘विजयादशमी’ के नाम से जाना जाता है (दशहरा = दशहोरा = दसवीं तिथि)। दशहरा वर्ष की तीन अत्यन्त शुभ तिथियों में से एक है, अन्य दो हैं चैत्र शुक्ल की एवं कार्तिक शुक्ल की प्रतिपदा।
इस दिन लोग शस्त्र-पूजा करते हैं और नया कार्य प्रारम्भ करते हैं (जैसे अक्षर लेखन का आरम्भ, नया उद्योग आरम्भ, बीज बोना आदि)। ऐसा विश्वास है कि इस दिन जो कार्य आरम्भ किया जाता है उसमें विजय मिलती है। प्राचीन काल में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे। इस दिन जगह-जगह मेले लगते हैं। रामलीला का आयोजन होता है। रावण का विशाल पुतला बनाकर उसे जलाया जाता है। दशहरा अथवा विजयदशमी भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति-पूजा का पर्व है, शस्त्र पूजन की तिथि है। हर्ष और उल्लास तथा विजय का पर्व है। भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है, शौर्य की उपासक है। व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो इसलिए दशहरे का उत्सव रखा गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!